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बिहार में खाद की पर्याप्त उपलब्धता, कालाबाजारी पर कार्रवाई

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कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि बिहार में यूरिया और डीएपी समेत खाद की मांग से अधिक स्टॉक है। कालाबाजारी रोकने के लिए 454 लाइसेंस रद्द और 116 दुकानदारों पर FIR दर्ज।

बिहार में खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें। मंत्री ने शनिवार को प्रेस-वार्ता में बताया कि राज्य में यूरिया और डीएपी (DAP) सहित सभी उर्वरकों की मांग से अधिक स्टॉक मौजूद है। उन्होंने चेतावनी दी कि कोई भी दुकानदार या बिचौलिया अगर निर्धारित दर से अधिक वसूली या कालाबाजारी करता पाया गया, तो उस पर तुरंत FIR दर्ज की जाएगी।

नेपाल बॉर्डर पर पैनी नजर

मंत्री ने बताया कि नेपाल से सटे सीमावर्ती जिलों में खाद की तस्करी की आशंका को देखते हुए विभागीय अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिया कि खाद की एक बोरी भी अवैध तरीके से सीमा पार नहीं होनी चाहिए। जिला अधिकारियों को हफ्ते में एक बार स्टॉक की समीक्षा कर रिपोर्ट मुख्यालय भेजने का निर्देश दिया गया है।

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कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई

मंत्री राम कृपाल यादव ने बताया कि अब तक 116 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर FIR दर्ज की जा चुकी है और 454 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल और निदेशक सुमन सौरभ ने कहा कि रिटेलर, स्टॉकिस्ट और सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत पर भी कड़ी कार्रवाई होगी।

धरती बचाओ कमेटी और जैविक खेती

सरकार रासायनिक खाद पर निर्भरता कम करने के लिए ‘धरती बचाओ’ कमेटी बना रही है। यह कमेटी राज्य में जैविक खेती (Organic Farming) को बढ़ावा देने के लिए नई रणनीतियां तैयार करेगी। इसके अलावा, PACS के माध्यम से खाद वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए लाइसेंसिंग में तेजी लाई जाएगी।

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फसल नुकसान पर मुआवजा

हाल के दिनों में हुई आपदा और बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों को लगभग 200 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है। कृषि मंत्री ने कहा कि अधिकारी खेतों में जाकर नुकसान का आकलन कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।

भविष्य की तैयारी और निगरानी

सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत खाद की कालाबाजारी पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। हर जिले में अधिकारी स्टॉक की समीक्षा करेंगे और सीमा पर तस्करी रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी।

बिहार सरकार की यह रणनीति किसानों के हित में है। खाद की पर्याप्त उपलब्धता, कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई, जैविक खेती को बढ़ावा और आपदा प्रभावित किसानों को मुआवजा—इन सभी कदमों से राज्य में कृषि क्षेत्र मजबूत और भरोसेमंद बनेगा।

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